12 साल की बच्ची ने पीएम मोदी को लिखा खत, कहा वायु प्रदूषण का बच्चों पर हो रहा बुरा असर

0
15

रिपोर्ट- विशेष संवाददाता

नई दिल्ली। बच्चों के प्रदूषित हवा में सांस लेने से उनके स्वास्थ्य पर हो रहे गंभीर प्रभाव से चिंतित एक 12 साल की वैश्विक जलवायु कार्यकर्ता रिद्धिमा पांडे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खत लिखा है. रिद्धिमा ने भारत के सभी बच्चों की तरफ से यह खत लिखकर प्रधानमंत्री से बढ़ते वायु प्रदूषण के खिलाफ तत्काल कदम उठाने की मांग की है.वायु प्रदूषण के उच्च स्तर से जूझ रहे दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और घने आबादी वाले शहरों में रहने वाले लोगों की दुर्दशा को उजागर करते हुए रिद्धिमा ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि वे सभी नियमों और कानूनों को सख्ती से लागू करने का आदेश दें. इससे हर भारतीय खासकर के बच्चों के स्वास्थ्य पर मंडरा रहे खतरे से उनकी रक्षा हो सकेगी.

Khabar Live India News

 

सात सितंबर को नीले आसमान के लिए पहले अंतर्राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस के मौके पर रिद्धिमा ने पीएम मोदी को लिखे हुए खत की एक कॉपी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की है. प्रधानमंत्री के साथ एक किस्सा साझा करते हुए रिद्धिमा ने कहा कि एक बार स्कूल में उनके शिक्षक ने सभी छात्रों से उनके बुरे सपने के बारे में पूछा उन्होंने खत में लिखा, अपने बुरे सपने के बारे में बताते हुए मैंने शिक्षक से कहा कि मैं स्कूल एक ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ आ रही हूं क्योंकि हवा बहुत प्रदूषित हो चुकी है. यह बुरा सपना अभी भी मेरी सबसे बड़ी चिंता है क्योंकि प्रदूषित हवा आज हमारे देश की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है.

Khabar Live India News

दिल्ली के एक उदाहरण का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यहां की हवा इतनी प्रदूषित हो जाती है कि लोगों को सांस लेने तक में दिक्कत होती है और उन्होंने पिछले साल बाल दिवस के दौरान खुद यह अनुभव किया था जब वह दिल्ली में थीं.

हरिद्वार की युवा कार्यकर्ता रिद्धिमा ग्रेटा थनबर्ग के साथ उन 16 बच्चों में शामिल रही हैं जिन्होंने जलवायु परिवर्तन पर सरकारी कार्रवाई की कमी के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के क्लाइमेट एक्शन समिट में शिकायत दर्ज कराई थी। वह कहती हैं कि अगर बढ़ते वायु प्रदूषण से नहीं निपटा जाता है तो लोगों को होगा स्वच्छ हवा में सांस लेने और जीवित रहने के लिए अपने साथ ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर चलना होगा.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here