चौरी चौरा शताब्दी समारोह : सम्मान में भी राजनीति, बिना सम्मान के मायूस हो लौटी स्वतंत्रता सेनानी की पोतियां

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रिपोर्ट- रवीन्द्र त्रिपाठी

फतेहपुर। चौरी-चौरा शताब्दी समारोह का शुभारंभ जनपद फतेहपुर की बिंदकी तहसील क्षेत्र के पारादान स्थित बावनी इमली शहीद स्मारक में मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री द्वारा शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और उनके परिजनों को सम्मानित किए जाने का काम किया गया. किंतु इस सम्मान समारोह में में भी राजनीति का दखल रहा और इसी दखल के चलते तीन महिलाएं जो स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के संबंधित सी उन्हें सम्मान से वंचित रहना पड़ा. इस समारोह में दूर जनपदों से आने वाली रवि माला बाजपेई निवासी महोबा जो वर्तमान में परिषदीय विद्यालय बांदा में शिक्षिका हैं, शशि बाला जनपद फतेहपुर की बिंदकी तहसील के गांव साई की निवासिनी हैं और वर्तमान में कस्तूरबा गांधी विद्यालय कन्नौज में कार्यरत हैं व योग माला निवासिनी प्रयागराज वर्तमान में मान सिंह इंटर कॉलेज कौशांबी में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत हैं इनके नाना स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे. इसी वजह से इन्हें सम्मानित किए जाने के लिए बुलाया गया था किंतु जब वह यहां आयीं तो उस सम्मान सूची से इन तीनों महिलाओं का नाम नदारद मिला और बिना सम्मान पाएं ही यह तीनों महिलाएं निराश होकर वापस चली गई. सम्मान से वंचित इन महिलाओं की चर्चा आमतौर पर रही. लोगों का कहना था कि एक और जहां देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने वर्चुअल संवाद में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों व उनके परिजनों को सम्मानित किए जाने की बात कहते हुए नहीं थक रहे थे. वहीं शताब्दी समारोह मैं सम्मान से वंचित किया जाना चौरी चौरा शताब्दी समारोह में ग्रहण लगा नजर आया.

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