चीनी स्मार्ट फोन का भारत मे बड़ा क्रेज, जाने कितने की है हिस्सेदारी, टाप-4 कंपनी के नाम

0
202
Khabar Live India News
Chinese smart phones have a big craze in India, how much is the share, name of top-4 company

Spread the love

रिपोर्ट- हिमांशू मौर्या

नई दिल्ली। गलवान घाटी पर जारी तनाव के बीच भारत और चीन के रिश्ते इन दिनों ठीक नहीं चल रहे हैं. दोनों देशों में युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है दूसरी ओर चीन के जो आंकड़े सामने आ रहे हैं वह हैरान करते हैं. आंकड़े दिखाते हैं कि सिर्फ 2019 में ही चीन ने भारत को करीब 1.4 लाख करोड़ रुपये का इलेक्ट्रॉनिक सामान बेचा है. अब मोदी सरकार कुछ चीनी कंपनियों पर लगाम कसने के लिए कुछ टैरिफ लगाने की तैयारी में है. वहीं शाओमी, वीवो, ओपो जैसी निजी स्मार्टफोन कंपनियों पर अभी ये खतरा मंडराता नहीं दिख रहा है. भारत में स्मार्टफोन बाजार में चीन की हिस्सेदारी लगातार बढ़ती ही जा रही है. 2018 में भारत के करीब 60 फीसदी स्मार्टफोन मार्केट चीनी कंपनियों का कब्जा था. जो 2019 में 71 फीसदी हो गया. अब 2020 की पहली तिमाही में ये हिस्सेदारी बढ़कर 81 फीसदी हो गई है. अगर चीन से भारत में होने वाले इलेक्ट्रॉनिक सामान के आयात को देखें तो ये पता चलता है. कि 2019 में चीन ने भारत को करीब 1.4 लाख करोड़ रुपये के इलेक्ट्रॉनिक सामान बेचे हैं. चीन की वजह से माइक्रोमैक्स, लावा, इंटेक्स और कार्बन जैसे ब्रांड के प्रोडक्ट्स को काफी नुकसान हुआ है. वहीं दक्षिण कोरिया की सैमसंग और एलजी के साथ साथ जापान की सोनी कंपनी को भी चीन की मार झेलनी पड़ रही है. इसी बात से आप समझ सकते हैं कि चीन के लिए भारत कितना बड़ा बाजार है.

टॉप 4 चीनी स्मार्टफोन कंपनियां :
भारत में चीन की श्याओमी कंपनी पहले नंबर पर है, जबकि सैमसंग दूसरे नंबर पर है. टॉप-5 कंपनियों में सैमसंग के अलावा बाकी चारों कंपनियां चीन की हैं. अभी भारत में स्मार्टफोन के मामले में पहले नंबर पर श्याओमी, दूसरे नंबर पर सैमसंग, तीसरे नंबर पर वीवो, चौथे नंबर पर ओपो और पांचवें नंबर पर रीयल मी कंपनियां हैं. 2018 में स्मार्टफोन के बाजार में भारतीय कंपनियों के पास करीब 9 फीसदी की हिस्सेदारी थी. जो 2019 में घटकर 1.6 फीसदी रह गई. अब 2020 की पहली तिमाही में ये आंकड़ा और भी घट गया है और 1 फीसदी के करीब जा पहुंचा है. हालांकि, स्मार्ट टीवी के मामले में तस्वीर थोड़ी अलग है. 2018 में भारत के पास करीब 6 फीसदी स्मार्ट टीवी बाजार की हिस्सेदारी थी. जो 2019 तक बढ़कर 9 फीसदी हो गई. अभी 2020 की पहली तिमाही में इसमें मामूली गिरावट देखी गई है और भारतीय कंपनियों की हिस्सेदारी करीब 8.5 फीसदी है.

प्रेम प्रसंग में युवक ने लगाई फांसी, सुसाइड नोट में लिखा मैं आपके बिना नही जी सकता हूं

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here