Monday, October 18, 2021
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फतेहपुर : श्रीमद् भागवत कथा सुन भावविभोर हुए भक्त्त

रिपोर्ट- सौरभ गुप्ता

फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के छिवली गांव पर बाबा भीमराव अंबेडकर पार्क स्थान में नवरात्रि के अवसर पर हो रहे श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. हालांकि कोरोना प्रोटोकॉल का बहुत ही सख्ती के साथ जय मैहर वाली माता कॉमेटी के सदस्यों के द्वारा पालन कराया जा रहा है. कथा के तीसरे दिन काफी संख्या में भक्त्त उपस्थित हुए. इस सम्बंध में पूछे जाने पर जय मैहर वाली माता कमेटी के सदस्यों द्वारा बताया गया कि बताया कि क्षेत्र में इस तरह का धार्मिक आयोजन, अच्छी व्यवस्था एवं माता की महिमा लोगों के बीच काफी महत्व रखती है. जिसके कारण दूर दूर से लोग आ रहे हैं. देवी श्रीमद्भागवत कथा का प्रवचन कर रहे आए संत प्रसिद्ध कथावाचक बाल व्यास कन्हैया शास्त्री जी महाराज ने कथा के तीसरे दिन देश के आदर्श नागरिक होने एवं संविधान के नियमो का हृदय से पालन करने की नसीहत लोगों को दी. उन्होंने कहा कि भारत सोने की चिड़ियां के नाम से जाना जाता है. इस देश की परंपरा, अनेकता में एकता, धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक कला, कौशलों एवं अतिथि देवो भव: के लिए जाना जाता है. देश और देशवासी सत्य, अहिंसा ओर सेवानुरागी के रूप में जाने जाते हैं. वर्त्तमान में पश्चिमी सभ्यता देश के युवा पीढ़ी को दिग्भ्रमित करने की कोशिश में लगा हुआ है. हम सभी सनातन धर्मावलंबियों का यह कर्तव्य बनता है कि हम इसे कोशिश कर रोकने का प्रयास करें. इसमें आप सभी धर्मानुरागी सज्जनों का सहयोग आवश्यक है. उन्होंने कहा कि मेरे देश का संविधान मनुष्य तो मनुष्य अन्य जीव जंतुओं को भी सुरक्षा संरक्षा ओर स्वतंत्र जीवन जीने का अधिकार प्रदान करता है. हम सभी मनुष्य सबसे बुद्धिजीवी प्राणी हैं, हमे अन्य सभी जीवों को संरक्षा एवं सुरक्षा का संकल्प लेना चाहिए तभी प्रकृति को बैलेंस में रखा जा सकता है. यह प्राकृतिक आपदाओं को रोकने में भी कारगर साबित होता है. उन्होंने उपस्थित भक्तों को संबोधित करते हुए राजा के अपने राजधर्म पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि जो राजा अपने राजधर्म के प्रति समर्पित नही होता वह राजा बनने के योग्य नही है. जिस राजा के राज्य में जनता कष्ट में जीवन यापन करे उस राजा को अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नही है. कथा सुनने आए लोगों ने बताया कि कथावाचक कथा के दौरान धर्मग्रन्थो की बातों के साथ साथ सांसारिक एवं सामान्य जीवन की बातों पर काफी महत्वपूर्ण चर्चा करते हैं, जो काफी अच्छा लगता है. इसलिए लोगों की काफी भीड़ उमड़ रही है. कथा के उपरांत बड़े ही सहज एवं सुंदर ढंग से प्रसाद का प्रतिदिन वितरण किया गया.

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