प्रवेश में फर्जीवाड़ा की जद में गौसिया यूनानी कालेज, सीबीआई की रडार में

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ब्यूरो रिपोर्ट- रवीन्द्र त्रिपाठी

फतेहपुर,10 नवम्बर। वर्ष 2021में आयुर्वेद,यूनानी एवं होम्योपैथिक कॉलेजों में लिए गए 891दाखिले फर्जीवाड़ा की भेंट चढ़ गए और अब इनकी जांच सीबीआई करेगी। फतेहपुर जिले के बकेवर में स्थित गौसिया यूनानी मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल भी जांच के दायरे में है और यहां आवंटित 60में से58 सीटें संदिग्धता के दायरे में हैं। मुख्यमंत्री की हुई संस्तुति के बाद फर्जीवाड़े की जांच सीबीआई करेगी और यहां भी टीम कभी भी छापेमारी कर सकती है और तब तक जांच के दायरे में आए प्रदेश के सभी आयुष कॉलेजों के दस्तावेजों को होल्ड कर निदेशालय में भर्ती से संबंधित दस्तावेजों को सील कर दिया गया है।
प्रदेश में होने वाली भर्तियों में गड़बड़ी के दाग एक साफ नहीं हो पाता कि दूसरा धब्बा छोड़ जाता है।हाल ही में आयुष कॉलेजों में वर्ष 2021में दिए गए 891प्रवेशों में बड़े पैमाने पर खामियां पाई गईं जिनमें कूटरचित कर बिना मेरिट एवं लो-मेरिट वालों को प्रवेश दे दिया गया जबकि परीक्षा पास करने वाले कई अभ्यर्थी वंचित रह गए। आयुर्वेद कॉलेजों में गड़बड़ी की शुरू हुई पड़ताल में एक के बाद एक गड़बड़ियां सामने आने लगीं।मुख्यमंत्री तक मामला पहुंचा तो उन्होंने जांच कराने के आदेश दे दिए जिसकी जांच एसटीएफ ने शुरु कर रखी है। *इसी बीच हजरतगंज लखनऊ थाने में आयुर्वेद सेवाएं के कार्यवाहक निदेशक प्रोफेसर डॉ.एस.एन.सिंह की तहरीर पर अपट्रान पावर ट्रानिक्स एवं वेण्डर कंपनी वी-3 सॉफ्ट साल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि एवं अज्ञात पर मुकदमा दर्ज करा दिया गया। मुख्यमंत्री ने पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई से कराए जाने की संस्तुति कर दी।गड़बड़ी में निदेशक सहित दो अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है जबकि दो अन्य की जांच की जा रही है।
जिले में भी एक यूनानी कॉलेज जांच के दायरे में है।बकेवर के कंश्मीरीपुर स्थित गौसिया यूनानी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में 2021में 60 सीटों का आवंटन किया गया था जिनमें 58 सीटें संदिग्धता के दायरे में है।आयुष कॉलेजों में प्रवेश में खेले गए बड़े खेल में गौसिया पर भी कार्रवाई होना तय है।अब देखना यह है कि यह गड़बड़ी किस स्तर पर हुई है।प्रदेश में बीएएमएस,बीयूएमएस तथा बीएचएमएस में हुए 891प्रवेशों में अधिकांश को फर्जी तरीके से प्रवेश दिए जाने की बात सामने आ रही है। *यह जांच का विषय है लेकिन जिले में कभी भी सीबीआई का छापा पड़ सकता है।गौसिया के प्राचार्य एम.ए.खान ने बात तो नहीं की लेकिन उनके प्रतिनिधि ने कहा कि दस्तावेजों को होल्ड करा दिया गया है यह भी कहा कि ज्यादा गड़बड़ियां आयुर्वेद कॉलेजों की आ रहीं हैं। उधर समाज कल्याण अधिकारी अवनीश कुमार यादव ने बताया कि 2022 में छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले गौसिया के छात्रों के दस्तावेजों कि सघन जांच कराने के आदेश मिले हैं।

1 COMMENT

  1. Ye college band hona chahiye yaha ka stop ghoos khir hai sir mai waha ka student hu.sir hm bhi paresaan hai .d pharmacy me.loot machaye hue hai kahte kuchh hai hota kuchh aur hai.

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