घाटमपुर : बिजली विभाग का बुरा हाल, अंधेर नगरी, चौपट राजा

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रिपोर्ट- शुभम साहू

कानपुर। घाटमपुर तहसील क्षेत्र के बिजली ऑफिस में ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. जहां कई साल से काम कर रहे डेढ़ दर्जन कर्मचारियों को निकाल दिया गया महीनो से उन्हें वेतन भी नहीं दिया गया है. अधिशासी अभियंता ने बताया कि निकाले गए कर्मचारियों में 13 लोग शासन से अप्रूव्ड नहीं थे. ऐसे में विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़ा होता है कि अगर कर्मचारी शासन से अप्रूव्ड नहीं थे, तो वे महीनों से विभाग के कॅश काउंटर और कंप्यूटर डाटा फीडिंग जैसे कार्य विभाग कैसे कर रहे थे. वहीं कर्मचारियों की मानें तो उन्हें विभाग द्वारा नियुक्त कॉन्ट्रैक्ट एजेंसी ने लगातार पीएफ जारी किया है. उन्हें बीच बीच में कई बार वेतन भी जारी किया गया है.कर्मचारियों के अनुसार जिम्मेदारों द्वारा व्हाट्सअप ग्रुप में प्रतिदिन उनकी हाजिरी ली जाती थी. जबकि कॉन्ट्रैक्ट एजेंसी से संपर्क करने पर बताया गया कि विभाग वेतन भुगतान नहीं कर रहा है. इसलिए वेतन जारी कर पाना संभव नहीं है निकाले गए सभी कर्मचारियों में विंहागबके प्रति अत्यधिक रोष व्याप्त है, वे इसके लिए विभाग को जिम्मेदार मान रहे हैं. कर्मचारियों के अनुसार उन्होंने कमोबेश एक साल अधिशासी अभियंता राजकुमार सैनी के अंतर्गत काम किया है.वर्तमान अधिशासी अभियंता के अंडर काम करते हुए भी वेतन आया है. ऐसी दशा में अप्रूव्ड न होना संदिग्ध दिखता है. वहीं कॉन्ट्रैक्ट एजेंसी साईँ कंप्यूटर्स के कथित जोनल मेनेजर के मुताबिक निकाले गए सभी कर्मचारी वर्ष 2019 में शासन से अप्रूव्ड थे. जिसके कानूनी दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं. एजेंसी के मुताबिक अधिशासी अभियंता स्वयं ही अप्रूवल नहीं कर रहे हैं, जबकि वे पेमेंट के लिए रेक्विरेमेंट भेज चुके हैं संपूर्ण मामले में अधिशासी अभियंता की भूमिका संदिग्ध है.

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