Monday, July 26, 2021
Homeउत्तर प्रदेशघोटालेबाज ग्राम प्रधान डीएम के राडार पर, ग्राम प्रधानों की होगी जांच

घोटालेबाज ग्राम प्रधान डीएम के राडार पर, ग्राम प्रधानों की होगी जांच

रिपोर्ट- रवीन्द्र त्रिपाठी

फतेहपुर। जिले में ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों में की गई धांधली की अगर जांच हुई तो बड़े पैमाने पर घोटालेबाजी सामने आएगी. जिस तरह से ग्राम प्रधानों, सचिवों एवं बीडीओ की तिकड़ी ने सांठगांठ कर विकास कार्यों में मनमानी करके सरकारी खजाने को व्हाट लगा दी है. उस पर जिलाधिकारी की निगाह पड़ चुकी है, खबर है कि भ्रष्टाचारी अधिकारियों कर्मचारियों को चिन्हित करने का काम किया जा रहा है. जिले में तैनात चार बीडीओ एवं जिला मुख्यालय में तैनात दो अधिकारी डीएम की राडार पर आ चुके हैं. वैसे तो भ्रष्टाचार सभी विकास खंडों में हुआ है. नमूने के तौर पर हर विकासखंड की टॉप- 10 ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए दिए गए धन व मनरेगा के कार्यों की जांच के लिए जल्द टीमें गठित की जाएंगी. जो मौके पर जाकर गांवों में कराए गए विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करेंगी. टॉप टेन गांव नमूने के तौर पर लेने की तैयारी है और प्रथम चरण की जांच के बाद सभी ग्राम पंचायतों की जांच कराने को लेकर डीएम ने तैयारी कर ली है.

जिले के 13 विकास खंडो की 840 ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए दिए गए धन एवं मनरेगा कार्यों में जमकर धांधली की गई है. मनमाने तरीके से गुणवत्ताविहीन काम कराए गए, बिना काम के ही धन निकाल लिया गया और सामानों की आपूर्ति में जमकर धांधली की गई. ऐसे कामों का भी पैसा निकाल लिया गया जिनमें काम ही नहीं हुआ अगर हुआ भी तो पूर्व में भी काम दिखा फर्जी मनरेगा मजदूरों को भरकर विकास कार्यों के लिए दिए गए धन का बंदरबांट कर लिया गया. ग्राम प्रधानों की बदली लाइफ स्टाइल, सचिवों की लग्जरी जिंदगी तथा बीडीओ के बेलौस अंदाज जिले में किए गए भारी भ्रष्टाचार की बानगी दे रहे हैं. इनकी शिकायतें तो बराबर मिल रही थी लेकिन ठोस कार्रवाई ना होने से विकास कार्यों में भ्रष्टाचार बढ़ता चला गया. हाल ही में मलवां विकासखंड क्षेत्र में बड़े पैमाने पर डीएम ने भ्रष्टाचार पकड़ा है. यहां जांच का फंदा अभी और कसेगा, लेकिन उसके साथ-साथ जिले में विकास के लिए कराए गए कार्यों की धांधली की जांच कराया जाना करीब-करीब पक्का हो गया है. नमूने के तौर पर हर विकासखंड की 10 ग्राम पंचायतों को प्रथम चरण में चयनित किया जा रहा है. जिनमें सबसे अधिक धन खर्चा किया गया है इसके लिए टीमें गठित होगीं जो मौके पर जाकर कागजी एवं कराए गए कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करेंगीं.

केंद्र सरकार की नए एपीएमसी कानून के विरोध में प्रदेश की गल्लामंडी 26 सितम्बर तक रहेंगी बंद

भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सपाइयों ने किया विरोध प्रदर्शन

एसआईटी गठित होने के बाद भी सिख दंगा पीड़ितों को नही मिला न्याय : कुलवंत सिंह खालसा

KhabarLiveIndia
i am Khabarliveindia-njriya sach dikhane ka news portal chanel.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments